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सोरायसिस


सोरायसिस क्या है -

सोरायसिस एक त्वचा विकार है। जो अधिक से अधिक लोगों को प्रभावित कर रहा है। सोरायसिस टीलिम्फोसाइट्स नामक कोशिकाओं के कारण होता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा होताहै, और कुछ इंटरल्यूकिन जो वे पैदा करते हैं। इन विकारों और रोगों में आनुवंशिक कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

त्वचा शरीर का सबसे खूबसूरत अंग होता है। परंतु कुछ त्वचा रोगों के कारण इसकी रंगत खराब हो जाती है। त्वचा विकार के अंतर्गत आने वाली बीमारिया जैसे, विटिलिगो, मुंहासे, म्यूकोरमाइकोसिस, एड़ियों की बिवाई इत्यादि बीमारियां हमारी सुन्दर त्वचा को बहुत ही बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। इन्हीं बीमारियों में से एक और त्वचा रोग है, जिसका नाम हैसोरायसिस (Psoriasis); जो त्वचा को खऱाब करने के साथ-साथ त्वचा मे जलन भी पैदा करता है।

सोरायसिस त्वचा से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसका उपचार आयुर्वेद की मदद से संभव है. तो अगर भी सोरायसिस से पीड़ित हैं तो उनके लक्षणों को पहचान कर किसी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं.

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सोरायसिस के लक्षण क्या हैं -

सामान्यतः कुछ ऐसे लक्षण होते है, जिसके आधार पर पता लगाया जा सकता है। कि यह सोरायसिस की समस्या है। यह प्रमुख लक्षण नीचे प्रदर्शित कीए गये है। परंतु कुछ लक्षण ऐसे भी है जो मरीज की प्रकति पर निर्भर करते हैं:

  • त्वचा छिलने (Peeling) लगती है।
  • त्वचा में लाल के चकत्ते (Rashes) बन जाते है।
  • शरीर में सफेद कलर की मोटी परत जमने लगती है।
  • त्वचा की चमड़ी की मोटाई (Thickness) कम होने लगती है।
  • सोरायसिस त्वचा के साथ-साथ नाखूनों को भी प्रभावित करता है।
  • इन चकत्तों में खुलली होती है और लालपन (Redness) होने लगता है।
  • सोरायसिस जहां पर होताहै वहां पर खुजली के साथ-साथ दर्द भी होता है।
  • यह लाल रंग के चकत्तेज्यादातर घुटने और कोहनी के बाहरी भागों में होते है।
  • त्वचा में सुखापान (Dryness) आ जाते है। जिसकी वजह से त्वचा में दरारें (Fissures) पड़ने लगती है।